सुरक्षाबलों से मुठभेड़ के बाद तीन वर्दीधारी नक्सली गिरफ्तार, कलेक्टर, एसपी की हत्या की साजिश रचने का खुलासा

रायपुर/दंतेवाड़ा| छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मिच्चीपारा के पास नहाड़ी-ककाड़ी के जंगलों में हुई मुठभेड़ में तीन वर्दीधारी नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं। पकड़े गए नक्सलियों से कलेक्टर और एसपी की हत्या करने और 26 जनवरी के कार्यक्रम में हमला करने की साजिश का भी खुलासा हुअा है। पकड़े गए नक्सलियों से पता चला है कि हाल ही में पोटाली में खुले कैंप पर भी यह हमला करने की फिराक में थे। पकड़े गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, अरनपुर क्षेत्र के ग्राम बड़े मिर्चीपारा, उरपलपारा, नहाड़ी, ककाड़ी, सोफीरास और सुकमा के गादीरास क्षेत्र के माटेमपारा में मंलगीर एरिया कमेटी के एलजीएस कमांडर गुड़ाधुर के साथ 20-25 माओवादियों के होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इस पर दंतेश्वरी फाइटर्स, डीआरजी, जिला पुलिस, एसटीएफ की संयुक्त टीम मौके पर भेजी गई। मिच्चीपारा के पास नहाड़ी-ककाड़ी के जंगलों से अचानक घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस पर जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। थोड़ी देर चली मुठभेड़ के बाद जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली मौके से भाग निकले। इस दौरान जवानों ने जंगल में घेराबंदी कर एक महिला सहित तीन नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए नक्सली वर्दी पहने हुए थे और जवानों को देखते ही उसे उतारकर फेंकने लगे। दंतेवाड़ा मेंे ऐसा पहली बार हुआ है जबकि पुलिस ने वर्दीधारी नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए नक्सलियों की पहचान हड़मा मड़काम उर्फ बुधरा (एलजीएस डिप्टी कमांडर), कोसी उर्फ शांति (प्लाटून सदस्य) और देवा मड़काम उर्फ दिलीप (डीकेएमएस सदस्य) के रूप में हुई है। दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि पकड़े गए तीनों नक्सलियों से पोटाली कैंप का नक्शा, रास्ते काे लेकर विस्फोटक लगाने के तरीके, उड़ते हुए हेलीकॉप्टर को निशाना लगाने का तरीका सब एक नक्शे से बरामद हुआ है। पूछताछ के दौरान पता चला है कि कलेक्टर और एसपी के वाहन इनके निशाने पर थे। उसे विस्फोट से उड़ाने की साजिश रची गई है। वहीं नए खुले पोटाली कैंप में गणतंत्र दिवस के अवसर पर  हमले की फिराक में थे। पकड़े गए तीनों नक्सलियों पर हत्या,लूट,आगजनी, जैसे दर्जनों गंभीर आरोप होने का पुलिस दावा कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, देवा मड़काम खूंखार नक्सली और उनका मीडिया सेल का काम देखता है। उसे छोटा देवा के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि नीलवाया मेंे हुए नक्सली हमले में मारे गए दूरदर्शन के कैमरा मैन का कैमरा भी इसी के पास था। करीब 3 महीने तक उस कैमरे को यह अपने पास रखे रहा। इसके बाद अपने एक अन्य साथी को सौंप दिया। 

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